Thursday, August 15, 2024

चण्डीका स्तुती

देवी महात्म्य 
आपदिं किं करणीयं ?
स़मरणीयं पादं अंम्बिकां।
ब्रह्मोवाच: 
प्राच्यां रक्षतु मामैन्द्री आग्नेयामग्नि देवता 
दक्षिणे/वतु वाराही नैर्यित्यां खड्गधारिणी 15
प्रतीच्यां वारुणी रक्षेद वायव्यं मृग वाहिनी 
उदीच्यां पातु कौबेरी ऐशान्यां शूलधारिणी 16
ऊर्थ्वं ब्रह्माणी में रक्षेदथस्ताद् वैष्णवी तथा 
एवं दशदिशो रक्षेच्चामुण्डा शववाहना।17

    पूर्व दिशा में इन्द्राणी मेरे रक्षा करती है। अग्नि कोण में अग्नि देवता और दक्षिण दिशा में वाराही देवी मुझे संभालते हैं। निर्यति कोण में खड्गधारिणी निर्यति देवी हमारे रज्ञा करते हैं। ऐसे वायु देवता, कुबेर, ईशान शक्ति, ब्रह्माणी एवं वैष्णवी देवी हमें सर्व शस्त्र समेत रक्षा करने उपस्थित हो। हे दश दिशाएं के मातृशक्ति हमारे सभी शत्रुओं को मारो, हमें शरण दो।

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