Sunday, August 11, 2024

चण्डीका स्तुती

देवी महात्म्य 
आपदिं किं करणीयं ?
स़मरणीयं (अवलंबं ) पादं अंम्बिकां।
प्रधमं शैलपुत्रीति द्वितीयं ब्रह्मचारिणि
तृतीयं चन्द्रखण्डेति कुम्भाण्डेति चतुर्थकं।।3
पञमं स्कंदमातेति षष्ठं कर्तायनीति च
सप्तमं कालरात्रिति महागौरीति चाष्टमं।। 4
नवमी सिध्दिदा प्रोक्ता नवदुर्गा: प्रकीर्तिता: उक्तान्येतानि नामानि ब्रह्मणैव महात्मना।। 5

    शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रखण्डा, कुशमाण्डा, स्कन्द माता, कार्तत्यायनि, कालरात्रि, महागौरी, सिध्दिदात्री ऐसे नै रूप में माता भक्तों को संभालने केलिए धारण करती है। हर एक माता की रूप को प्रणाम, मां मेरे शत्रुओं को मारो, हमें शरण दो।

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